मज्झिमनिकाय बुद्ध धर्मया मू सफू त्रिपिटकया सुत्त पिटकया ५गु खण्डय् छगू ख। थ्व ग्रन्थ दीघनिकाय स्वया चीहाकःगु व खुद्दकनिकाय स्वया ताहाकःगु १५२ पु सूत्रयागु संग्रह खः। [१] त्रिपिटकय् मज्झिमनिकायया स्थान सर्वोच्च दूगु व त्रिपिटक व बौद्ध साहित्यया मेमेगु निकाय नष्ट जुया वंसां मज्झिमनिकाय ल्यना च्वन धाःसा थुकिं हे नं झीत बुद्धया व्यक्तित्त्व, वसपोलया दर्शन व शिक्षायात म्हसीकेत थाकुइ मखु। [१] [२] थ्व सफूलिं बुद्धया इलय्या राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक व साँस्कृतिक खँ अध्ययन अनुसन्धान याइपिं साधकपिंत, विद्वानपिंत, विद्यार्थीपिंत व सर्वसाधारण जिज्ञासुपिंत अबिलेया ऐतिहासिक प्रामाणिक लिधंसा जुइ। [१]
ग्रन्थ संरचना [सम्पादन]
मज्झिमनिकाय मूल–पण्णासक, मज्झिम–पण्णासक उपरि–पण्णासक कथं स्वब्व थला तःगु दु। सूत्र अनुसारं १२ पु सूत्र दुगु १४ गूगु वर्ग व १० पु १० पु सूत्रत दुथ्याना च्वंगु १४ गू वर्ग नापं याना जम्मा १५ गू वर्ग दु ।[१] थ्व कथं थ्व ग्रन्थय् जम्मा १५२ पु सूत्त दु। [१] थ्व निकायया विभाजन थ्व कथं दु [३]
| सुत्तपिटक |
निकाय |
वग्ग |
सुत्त |
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मज्झिमनिकाय |
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मूलपण्णासपाळि |
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मूलपरियायवग्गो |
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सीहनादवग्गो |
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ओपम्मवग्गो |
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महायमकवग्गो |
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चूळयमकवग्गो |
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मज्झिमपण्णासपाळि |
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गहपतिवग्गो |
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भिक्खुवग्गो |
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परिब्बाजकवग्गो |
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राजवग्गो |
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ब्राह्मणवग्गो |
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उपरिपण्णासपाळि |
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देवदहवग्गो |
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अनुपदवग्गो |
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सुञ्ञतवग्गो |
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विभङ्गवग्गो |
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सळायतनवग्गो |
- ↑ १.० १.१ १.२ १.३ १.४ बज्राचार्य, दुण्डबहादुर (बुसं २५४१), मज्झिमनिकाय, वीर-पूर्ण पुस्तक संग्रहालय
- ↑ धाख्वा, अमिता (२०००), त्रिपिटक:एक चिनारी, वीर-पूर्ण पुस्तक संग्रहालय
- ↑ तिपिटक फुति अर्ग
पिनेया स्वापू [सम्पादन]