अलबर्ट पिन्टो को गुस्सा क्यों आता है (सन् १९८०या संकिपा)
Appearance
| अलबर्ट पिन्टो को गुस्सा क्यों आता है | |
| निर्देशक | सईद अख्तर मिर्जा |
|---|---|
| निर्माता | सईद अख्तर मिर्जा |
| बाखँ | सईद अख्तर मिर्जा |
| मू कलाकार | नसीरुद्दीन शाह, शबाना आज़मी, स्मिता पाटिल, ओम पुरी, सतीश शाह |
| संगीत निर्देशक | भास्कर चंदावरकर मानस मुखर्जी |
| छायांकन | वीरेंद्र सैनी |
| सम्पादन | रेणू सलूजा |
| पिथना तिथि | [[Category:Expression error: Unrecognized punctuation character "२". films]]
|
| अवधि | 110 मिनट |
| देय् | |
| भासा | हिन्दी |
| अलबर्ट पिन्टो को गुस्सा क्यों आता है | |
| भाषा | हिन्दी भाषा |
| पिहांवगु तिथि | १९८० |
अलबर्ट पिन्टो को गुस्सा क्यों आता है हिन्दी भाषाया छगू नांजागु संकिपा खः। थ्व संकिपा सन् १९८०य् पिहांवःगु खः।
बाखँ
[सम्पादन]थ्व छगू कथानक संकिपा खः।
मू पात्र
[सम्पादन]- नसीरुद्दीन शाह - अल्बर्ट पिंटो
- शबाना आज़मी - स्टैला डिकोस्टा
- स्मिता पाटिल - जोन पिंटो
- ओम पुरी - मधु
- दिलीप धवन - डॉमिनिक पिंटो
- सुलभा देशपांडे - श्रीमती पिंटो, अल्बर्टया माँ
- अरविंद देशपांडे - श्री पिंटो, अल्बर्टया पिता
- रोहिणी हट्टंगडी - विवेकया पत्नी
- अच्युत पोतदार - चंदूमल पोतदार, मिल मालिक
- मुश्ताक़ खान - दुकानदार, जॉन पिंटो को छेडने वाला
- श्याम गुप्ता - मधु, मैकेनिक
- सतीश शाह
- अवतार गिल
- उत्पल दत्त
- नरेश सुरी
- नितिन सेठी
- मोटू उपाध्याय
- रोशन तनुजा
- मुहाफिज़ हैदर
- जयदेव हट्टंगडी
संकिपा देकिपिं
[सम्पादन]सिरपा
[सम्पादन]स्वया दिसँ
[सम्पादन]पिनेया स्वापू
[सम्पादन]| हिन्दी संकिपा | |
| १९२८ - १९५० | १९५१ - १९६० |
१९६१ | १९६२ | १९६३ | १९६४ | १९६५ | १९६६ | १९६७ | १९६८ | १९६९ | १९७० | १९७१ | १९७२ | १९७३ | १९७४ | १९७५ | १९७६ | १९७७ | १९७८ | १९७९ | १९८० | १९८१ | १९८२ | १९८३ | १९८४ | १९८५ | १९८६ | १९८७ | १९८८ | १९८९ | १९९० | १९९१ | १९९२ | १९९३ | १९९४ | १९९५ | १९९६ | १९९७ | १९९८ | १९९९ | २००० |२००१ |२००२ | २००३ |२००४ |२००५ |२००६ |२००७ |२००८ | |