कीलुगुर्रं (सन् १९४९या संकिपा)
Appearance
| कीलुगुर्रं | |
| भाषा | तेलुगु भाषा |
| पिहांवगु तिथि | २००५ |
कीलुगुर्रं (तेलुगु भाषा:కీలుగుర్రం) छगु तेलुगु भाषाया नांजागु संकिपा खः। थ्व संकिपा सन् २००५य् पिहांवगु खः।
बाखँ
[सम्पादन]मू पात्र
[सम्पादन]- अंजलीदैवि
- नागैश्वररावु
- ऐ.वि.सुब्बारावु
- रैलंगि[१]
- डि.सत्यनारायण
- वि.कौटैश्वररावु
- पुच्चा विश्वनाथं
- के.वि.माणिक्यारावुनायुडु
- यं.कोंडय्य
- रामनाथशास्त्रि
- राममूर्ति
- कंचि नरसिंहारावु
- लिंगं सुब्बारावु
- बालामणि
- टि.कनकं
- जूनियर् लक्ष्मीराज्यं
- सूर्यश्री
- सुरभि कमलाबायि
- कुमारि अनसूय
- मद्देलरामुडु
- गंगारत्नं
- यं.सुब्बुलु
- कनकं....तदितरुलु
संकिपा देकिपिं
[सम्पादन]सिरपा
[सम्पादन]स्वया दिसँ
[सम्पादन]पिनेयागु स्वापू
[सम्पादन]| तेलुगु संकिपा | |
|---|---|
| १९३० | १९४० | १९५० | १९६० | १९७० | १९८० | १९९० | २००० | २०१० | |
- ↑ "हास्यानिकि तोलि पद्मश्री पोंदिन रैलंगि", www.andhrajyothy.com, 9 August 2019. Retrieved on 9 August 2020.