थाट
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ठाट धाःगु भारतीय शास्त्रीय संगीतय् ७गु स्वरया छगू मंका ख। रागतेत ठाटया आधारय् विभाजय यायेगु या।
धलः |
[सम्पादन] ठाटया गुण
ठाटया गुण थ्व कथं दु-
- ठाटय् ७गु स्वर दै
- ठाटया क्रम "सा रे ग म प ध नि" जुइमा
- ठाटय् थांहा वनिगु व कुने वैगु व्यवस्था दैमखु
- ठाट भावात्मक गुण रहित जुइ
[सम्पादन] थाटया प्रकार
थाटया प्रकार थ्व कथं दु[१]- (नोट: कोमल स्वरया क्वे छहाकः रेखा बिइगु या, दसु ग॒। तीव्र म या च्वे छहाकः रेखा तइगु या दसु- म॑)
- बिलावल थाट- सा, रे, ग, म, प, ध, नि
- कल्याण थाट- सा, रे,ग, म॑, प ध, नि
- खमाज थाट- सा, रे ग, म, प ध, नि॒
- आसावरी थाट- सा, रे, ग॒, म, प ध॒, नि॒
- काफी थाट- सा, रे, ग॒,म, प, ध, नि॒
- भैरवी थाट- सा, रे॒, ग॒, म, प ध॒, नि॒
- भैरव थाट- सा, रे॒, ग, म, प, ध॒ नि
- मारवा थाट- सा, रे॒, ग, म॑, प, ध नि
- पूर्वी थाट- सा, रे॒, ग, म॑, प ध॒, नि
- तोडी थाट- सा, रे॒, ग॒, म॑, प, ध॒, नि
[सम्पादन] थाटया विस्तारित रुप
| थाट | सा | रे॒ | रे | ग॒ | ग | म | म॑ | प | ध॒ | ध | नि॒ | नि | |
| बिलावल थाट | सा | रे | ग | म | प | ध | नि | सकल शुद्ध स्वर | |||||
| कल्याण | सा | रे | ग | म॑ | प | ध | नि | म॑ (तीव्र) | |||||
| खमाज | सा | रे | ग | म | प | ध | नि॒ | नि कोमल | |||||
| भैरव | सा | रे॒ | ग | म | प | ध॒ | नि | रे व ध कोमल | |||||
| मारवा | सा | रे॒ | ग | म॑ | प | ध | नि | रे कोमल, म तीव्र | |||||
| काफी | सा | रे | ग॒ | म | प | ध | नि॒ | ग व नि कोमल | |||||
| पूर्वी | सा | रे॒ | ग | म॑ | प | ध॒ | नि | रे व ध कोमल , म तीव्र | |||||
| आसावरी | सा | रे | ग॒ | म | प | ध॒ | नि॒ | ग , नि व ध कोमल | |||||
| भैरवी | सा | रे॒ | ग॒ | म | प | ध॒ | नि॒ | रे, ग, ध, व नि कोमल | |||||
| तोडी | सा | रे॒ | ग॒ | म॑ | प | ध॒ | नि | रे, ग, ध कोमल व म तीव्र |